Difference between consumer court and consumer forum
Posted: Sat Jul 27, 2024 4:36 pm
अजय: उपभोक्ता न्यायालय और उपभोक्ता फोरम में क्या अंतर है?
विजय: उपभोक्ता न्यायालय और उपभोक्ता फोरम वास्तव में एक ही चीज़ हैं। उपभोक्ता न्यायालय को आमतौर पर उपभोक्ता फोरम भी कहा जाता है।
अजय: क्या आप इसका मतलब समझा सकते हैं?
विजय: हां, बिलकुल। उपभोक्ता फोरम उपभोक्ताओं की शिकायतों के निवारण के लिए एक मंच है। इसे तीन स्तरों पर बांटा गया है:
1. जिला स्तर (District Level) - जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग।
2. राज्य स्तर (State Level) - राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग।
3. राष्ट्रीय स्तर (National Level) - राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग।
अजय: तो उपभोक्ता न्यायालय क्या होता है?
विजय: उपभोक्ता न्यायालय उपभोक्ता फोरम का ही दूसरा नाम है। यह एक सामान्य शब्द है जो उपभोक्ता फोरम के विभिन्न स्तरों को संदर्भित करता है। इसे साधारण भाषा में उपभोक्ता अदालत भी कहा जाता है।
अजय: ठीक है, तो इसका मतलब यह है कि उपभोक्ता न्यायालय और उपभोक्ता फोरम में वास्तव में कोई बड़ा अंतर नहीं है?
विजय: हां, बिल्कुल सही। दोनों का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ता शिकायतों का निपटान करना और उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करना है।
अजय: धन्यवाद, अब मैं समझ गया।
विजय: कोई बात नहीं, अगर और कोई सवाल हो तो बताइए।
विजय: उपभोक्ता न्यायालय और उपभोक्ता फोरम वास्तव में एक ही चीज़ हैं। उपभोक्ता न्यायालय को आमतौर पर उपभोक्ता फोरम भी कहा जाता है।
अजय: क्या आप इसका मतलब समझा सकते हैं?
विजय: हां, बिलकुल। उपभोक्ता फोरम उपभोक्ताओं की शिकायतों के निवारण के लिए एक मंच है। इसे तीन स्तरों पर बांटा गया है:
1. जिला स्तर (District Level) - जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग।
2. राज्य स्तर (State Level) - राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग।
3. राष्ट्रीय स्तर (National Level) - राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग।
अजय: तो उपभोक्ता न्यायालय क्या होता है?
विजय: उपभोक्ता न्यायालय उपभोक्ता फोरम का ही दूसरा नाम है। यह एक सामान्य शब्द है जो उपभोक्ता फोरम के विभिन्न स्तरों को संदर्भित करता है। इसे साधारण भाषा में उपभोक्ता अदालत भी कहा जाता है।
अजय: ठीक है, तो इसका मतलब यह है कि उपभोक्ता न्यायालय और उपभोक्ता फोरम में वास्तव में कोई बड़ा अंतर नहीं है?
विजय: हां, बिल्कुल सही। दोनों का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ता शिकायतों का निपटान करना और उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करना है।
अजय: धन्यवाद, अब मैं समझ गया।
विजय: कोई बात नहीं, अगर और कोई सवाल हो तो बताइए।